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रानीविशाल रानीविशाल की अंतर लहरीआगे पढ़ें... 

जीने दो मुझे (कन्या भ्रूण-हत्या )
जीने दो मुझे, मैं भी जिंदा हूँ क्या दोष मेरा ? हूँ मैं अंश तेरा ऐसे समाज पर, मैं बहुत शर्मिंदा ... RaniVishal द्वारा 15 सितंबर, 2010 11:01:00 PM IST पर पोस्टेड
तुम प्रेम का आधार हो
प्रिय तुम प्रेम प्रतीक हो तुम प्रेम का आधार हो तुम ही तो हो पथ प्रेम का तुम ही प्रेम का द्वार हो ... RaniVishal द्वारा 31 अगस्त, 2010 2:19:00 AM IST पर पोस्टेड
ये दुनिया क्या है
एक भौर मैं भाव विभौर हो सोच रही थी । ये दुनिया क्या है? इसका उत्तर खौज रही थी ।। मैंने अपने दिल से ... RaniVishal द्वारा 21 अगस्त, 2010 4:18:00 AM IST पर पोस्टेड